भारत के अतीत की उप्

Just another Jagranjunction Blogs weblog

370 Posts

488 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 18237 postid : 1372827

राष्ट्र के सर्वोच्च पुरस्कार "भारत रत्न"के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ-.

Posted On: 6 Dec, 2017 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

जय श्री राम  हर राष्ट्र और संस्था अपने नागरिको और सदस्यों को  विभिन्न क्षेत्रो में उत्क्रठ कार्य करनेके लिए प्रेरणा देने के लिए कुछ पुरस्कारो  की घोषणा करते -जिनका राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में मान्यता मिली हो.!हमारे राष्ट्र ने भी १९४७ में आजादी के बाद इस बारे में सोचना शुरू किया  और २ जनवरी १९५४ को तत्कालीन राष्ट्रपति बाबु राजेंद्र प्रसाद जी के द्वारा राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मान पुरस्कार ‘भारत रत्न”"की शुरुहात की घोषणा की गयी जो राष्ट्रीय सेवा के लिए कला,विज्ञान,साहित्य,खेल,सामाजिक सेवा,के क्षेत्र में दिया जाएगा जो राष्ट्र का सर्वोच्च सम्मान  होगा!इस पुरस्कार में लिंग,नस्ल ,क्षेत्र,भाषा,जाति,धर्म आदि पर आधारित नहीं होगा.इसे नाम के साथ पदवी की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. ,!इस २६ जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा दिया जाएगा जिसे प्रधानमंत्री एक नियुक्त कमेटी की सिफारिश पर राष्ट्रपति को भेजते है.!एक साल में ३ से ज्यादा लोगो को ये सम्मान नहीं दिया जा सकता और ये भी नहीं जरूरी की  हर साल दिया जाए !ये भी कही नहीं लिखा की ये केवल भारतीयों को ही मिलेगा क्योंकि २ विदेशियों को भी दियाजा चूका है.! पहले इसे मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था लेकिन १९५५ से इसे हटा दिया गया.!  १४ व्यक्तियों को मरणोपरांत ये पुरस्कार दिया गया था लेकिन सुभाषचंद्र बोसे जी को दिया पुरस्कार उनकी मौत की पुष्टि न होने से वापस ले लिया गया इस तरह १३ व्यक्ति अब रह गए है.१९५४  में ३ भारतीयों सर्व पली राधाकृष्णन जी,राजगोपालाचारी  और प्रसिद्ध वैज्ञानिक सी.वी .रमण जी को दिया गया था  और २०१५ में महामहिम मदन मोहन जी मालवीय और माननीय अटल विहारी जी वाजपई जी को दिया गया था इस तरह अब तक १९५४- २०१५ तक ४५ लोगो को इस सम्मान से सम्मानित किया जा चूका है.!नेहरूजी और इंदिराजी ही केवल ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने पद पर रहते ही खुद ये सम्मान ले लिया.!२ विदेशियो खान अब्दुल गफ्फार (१९८०)पख्तूनी नेता और नेल्सन मंडेला (१९९०) दक्षिणी अफ्रीका के स्वतंत्रता संग्रामी और राष्ट्रपति को दिया गया था. !मौलाना अब्दुल कलम आज़ाद  ने इसे लेने से इनकार कर दिया था क्योंकि वे उस कमेटी में थे जो इसके लिए नामांकन करती थी.बाद में उन्हें १९९२ में मरणोपरांत दिया गया.!मरणोपरांत सर्व प्रथम पुरस्कार श्री लाल बहादुर शास्त्री जी को दिया गया था.!१९७७ में जनता पार्टी की सरकार ने बंद कर दिया था जिसे कांग्रेस सरकार ने १९८० में फिर शुरू किया और जिसे पहला पुरस्कार मदर टेरेसा ने १९८० में प्राप्त किया.!सत्यपाल आनंद ने राजीव गाँधी को मरणोपरांत इस पुरस्कार देने को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.चूंकि  पटेलजी से नेहरूजी के रिश्ते ख़राब थे इसलिए उन्हें `१९९१ में और आंबेडकर  जी को १९९० में नरसिंह राव ने अपने प्रधानमंत्री काल में दिया था

पदक की डिज़ाइन:-मूल रूप में इस सम्मान पदक की डिज़ाइन ३५ mm गोलाकार स्वर्ण पैदल था जिसके सामने सूर्य बना था ऊपर हिंदी में भारत रत्न लिखा था और नीचे फूलो का गुलदस्ता  था.!पीछे की तरफ राष्ट्रीय चिन्ह और सत्यमेव जयते लिखा था.!बाद में इस बदल कर तांबे से बनी पीपल की पत्ती थी जिसमे प्लैटिनियम का चमकता सूर्य बना था जिसके नीचे “भारत रत्न “लिखा है और पीछे राष्ट्रीय चिन्ह के साथ सत्यमेव जयते लिखा है.! इसे सफ़ेद फीते के साथ गले में पहना जाता है.!img-award-bharat-ratnaभारत रत्न पाने वालो को मिली सुविधाए :-१.जीवन भर आयकर से छूट २.जीवन भर एयर इंडिया और भारतीय रेलवे  में प्रथम श्रेणी में मुफ्त यात्रा.३.संसद की बैठको और सत्र में भाग लेने की अनुमति.४.कैबिनेट रैंक के बराबर की योगिता मिलती है.!५. जरूरत पड़ने पर z ग्रेड की सुरक्षा प्रदान की जाती है !६.vvip के बराबर का

दर्जा प्राप्त होता है !७.देशके अन्दर किसी राज्य में यात्रा के दौरान  उन्हें स्टेट गेस्ट की सुविधा मिलती है !८.विदेश यात्रा के दौरान उन्हें भारतीय दूतावास द्वारा हर सुविधा प्रदान की जाती है !

भारत रत्न पाने वालो के नाम : -१९५४ -१.सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी,२.चक्रवर्ती राजगोपालचारी और३. चन्द्र शेखर वेंकटेश रमण

,                      १९५५ ४. -डाक्टर भगवन दास ,५.डाक्टर विश्वेश्वराय ६.पंडित जवाहर लाल नेहरु

१९५७-७. पंडित गोविन्द भाल्लभ पन्त ,८.डाक्टर  केशव कर्वे

१९५८-९.डाक्टर विधान चन्द्र राय

१९६१-१०.श्री पुरुषोतम दस टंडन ,११.बाबु राजेन्द्र प्रसाद

१९६३-१२- डाक्टर जाकीर हुसैन ,१३ डाक्टर पांडुरंग काणे

१९६६-१४. श्री लाल बहादुर शास्त्री

१९७१-१५ .श्रीमती इंदिरा गाँधी

१९७५-१६ .वी वी गिरी जी

१९७६-१७ .के .कामराज जी

१९८०-१८ मदर  टेरेसा

१९८३- १९. आचार्य विनोभा भावे

१९८७- २०.खान अब्दुल गफ्फार (पख्तूनी नेता)

१९८८- २१ गोपाला रामचंद्रम

१९९०-२२- डाक्टर भीम राव अम्बेडकर २३.,नेल्सन मंडेला (दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रपति)

१९९१-२४.राजीव गाँधीजी २५ . ,सरदार पटेल जी २६ . मोरार जी देसाई  जी

१९९२- २७.मौलाना अब्दुल कलम आजाद २८.रतन  जी टाटा २९.सत्य जीत रे

१९९७-३०.डाक्टर एपीजेकलाम,३१ श्री गुलजारी लाल नंदा ३२.श्रीमती अरुणा आसिफ अली

१९९८-३३-एम् .एस सुब्बा लक्ष्मी ३४,-सी.सुब्रणयम   ३५.श्री जय प्रकाश नारायण

१९९९.-३६.पंडित रवि शंकर ३७.अमर्त सेन ३८.गोपी नाथ वेशिओलार्ट

२००१-३९.लता मंगेशकर जी ४०.बिस्सिमिल्ला खां

२००८-४१ -श्री भीम राव जोशी

२०१३ – ४२  सचिन तेंदुलकर  ४३.श्री सी.एन.राव

२०१४.४४ महामहिम मदन मोहन मालवीय जी,श्री अटल विहारी वाजपेयी

रमेश अग्रवाल -कानपुर

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
December 12, 2017

श्री आदरणीय रमेश जी आशा है आप स्वस्थ होंगे एवं सकुशल होंगे आपने लेख द्वारा वहुत ही अच्छी उपयोगी विस्तार से जानकारी दी धन्यवाद जानकारी दी

rameshagarwal के द्वारा
December 14, 2017

जय श्री राम आदरणीया शोभा जी धन्यवाद् लेख पढने और प्रतिक्रिया के लिए.!हम 82 वर्ष के पिछले २२ सालो से बेड पर ही खड़े नहीं हो सकते घरवालो को बहुत परेशान करते,धर्मपत्नी ने २२ साल सेवा कर खुद को भी बीमार कर लिया लेकिन हनुमानजी का आशीर्वाद कष्ट सहने की शक्ति दे दी है.इसीलिए ज्यादा लिख नहीं पाते.आज पटेल जी की पुण्य तिथि पर लिखा.आपके सहयोग और संवेदना के लिए आभार.

harirawat के द्वारा
January 4, 2018

रमेश अग्रवालजी, नमस्कार ! वाकई आपके इस जानकारी ने कही परदे खोल दिए ! महात्मा गांधी जी से एक ही चूक हुई और वही आज भी काँटा बनकर हर देशवासी को चुभ रही है ! नेहरू को प्रधान मंत्री बनाकर, यहां परिवारवाद की नींव डाल दी ! भारतरत्न के लिए दोनों बाप बेटी ने अपना नाम स्वयं प्रस्तावित किया और भारत रत्न को अपनी झोली में डाला ! विस्तृत जानकारी देने के लिए साधुवाद ! टिप्पणी देने में विलम्ब के लिए खेद है, आशा करता हूँ आप इस डिले को नजर अंदाज कर देंगे !

rameshagarwal के द्वारा
January 11, 2018

जय श्री राम हरेन्द्र जी सार्थक प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद.!बढ़ती उम्र (८२ साल),२२ साल से बीएड पर बीमारी कीवजह से पड़े रहना और कपकपाती ठण्ड ने हमें घेर रक्खा लेकिन हनुमानजी का आशीर्वाद है.इन्ही कारणों से इस फोरम में ज्यादा सक्रिय नहीं.जरा ठण्ड कम हो जाए फिर कोशिश करेंगे.


topic of the week



latest from jagran